टिक टॉक पर वीडियो डालने से पहले रुक कर थोड़ा सोच लीजिए

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आजकल लोग टिक-टॉक नाम के एप के पीछे दीवाने हुए जा रहे हैं. आखिर ये है क्या बला और ये कितना सेफ है. इन सब बातों पर चर्चा करेंगे लेकिन उससे पहले कुछ खास खबरें जो इसी एप से जुड़ी हुई हैं.

एक लड़के ने तमंचे के साथ वीडियो बनाया और उसे टिक टॉक पर अपलोड कर दिया. वीडियो जैसे ही लोगों ने देखा, पुलिस में शिकायत हुई और लड़के को जेल जाना पड़ा.

सहारनपुर में एक लड़के ने गांव की लड़की का फोटो लगाकर टिक टॉक बनाया. पंचायत हुई, लड़के को सजा सुनाई गई. उसे भरी पंचायत में पीटा गया. ये वीडियो भी किसी ने वायरल कर दिया.

एक अन्य वीडियो में लड़के सड़क पर केक रख कर उस पर फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं. ये वीडियो भी टिक टॉक पर अपलोड किया गया था. इस पर भी जांच चल रही है.

यानि लोग प्रसिद्धि, शोहरत की चाह में कैसे भी वीडियो इस एप पर अपलोड कर रहे हैं और चूंकि इसके इस्तेमालकर्ता बहुत अधिक हैं लिहाजा वीडियो वायरल हो रहे हैं.

अमर उजाला की एक खबर के मुताबिक ये एप आपकी जानकारी चोरी कर रहा है और विदेशी कंपनियों को बेच रहा है. ये एप आपसे बहुत तरीके के एक्सेस मांगता है जिनकी कोई जरूरत तक भी नहीं है.

बीबीसी हिंदी की एक खबर के मुताबिक आप अपना अकाउंट यहां से डिलीट नहीं कर सकते. साथ ही कोई भी किसी को भी मैसेज कर सकता है यानि कम उम्र की लड़कियों के लिए ये एप काफी खतरनाक हो सकता है.

इस खबर में बताया गया है कि इस एप पर एडल्ट कंटेट भी बहुत अधिक है और सार्वजनिक भी है. रिपोर्ट में साफ साफ लिखा है कि ये एप सुरक्षा और निजता के लिहाज से खतरनाक हो सकता है.

जुलाई 2018 में इंडोनेशिया ने इस एप पर बैन लगा दिया था. भारत में 100 मिलियन से अधिक लोगों ने ये एप डाउनलोड किया हुआ है. सोचिए कि ये एप किस कदर अपने जड़ें भारत में जमा चुका है.

चीन का ये एप्लीकेशन 12 साल से अधिक उम्र में ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए. लेकिन उस पॉर्न और सॉफ्ट पोर्न का क्या जो इस एप पर भरा पड़ा है.

अमर उजाला की एक खबर के मुताबिक स्कूल के बच्चे पैसे और प्रसिद्धि के लिए इस एप को इस्तेमाल कर रहे हैं और पढ़ाई से दूर भाग रहे हैं.

अपनी प्रतिभा शेयर करना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन जो भी एप आप लोग इस्तेमाल कर रहे हैं उसकी शर्तें तो पढ़ लीजिए. स्मार्टफोन का सही और बेहतर इस्तेमाल ही किया जाना चाहिए.

ऐसा ना हो बच्चे पीयर प्रेशर में आकर कोई ऐसा वीडियो शेयर कर दें जो उन्हें नहीं करना चाहिए और फिर साइबर बुलिंग या साइबर क्राइम के शिकार बनें. लोगों को अपने बच्चों से इन एप्स को लेकर बात करनी चाहिए.