गोली मारने से गांधी मरेंगे नहीं, पहले भी गोली उन्हें नहीं मार पाई थी

हाल ही में यूपी में एक हिंदू संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने महात्मा गांधी के पोस्टर के साथ जो कुछ किया उसकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं और साथ ही वायरल हो रहे हैं सवाल. आखिर गांधी के पोस्टर से इतनी नफरत क्यों? ऐसे लोगों पर कार्रवाई कब? आखिर इस काम की क्या जरूरत थी?

जिनको नहीं पता उन्हें बता दें कि एक महिला जो खुद को उस संगठन का नेता बताती हैं, उन्होंने चंद लोगों के साथ मिल कर एक पुतला बनाया उस पर गांधी का पोस्टर चिपकाया. इस पोस्टर पर उन्होंने एयरगन से फायर किए. पोस्टर के पीछे खून की थैली लटकाई. एयरगन का छर्रा लगते ही वहां खून फैल गया. इसके बाद केरोसीन डाल कर पुतले को आग लगा दी गई.

वीडियो देख कर लग रहा है कि वीडियो बनाकर वायरल करने, पब्लिसिटी पाने, खबरों में आने के लिए ऐसा किया गया है. ऐसा लग रहा है कि महिला के साथ उनके परिवार के लोग भी हैं. गिनती के चार से छह लोग हैं जिन्होंने ये काम किया. महिला और उनके संगठन के लोग अपने काम में सफल भी हुए, पूरे देश भर में उनके इस काम की चर्चा हो रही है.

पोस्टर पर एयरगन से गोली चलाने वाली महिला ने दावा किया कि अगर वो उस वक्त पैदा हुई होतीं तो गांधी की हत्या जरूर करतीं. और भी ना जाने क्या क्या कहा. हर संभव ऐसी बातें की गईं जो वायरल हो सकें. जिन्हें सुन कर व्हाट्सएप पर लोग फॉर्वर्ड करें और सोशल मीडिया पर इन बातों की चर्चा हो. ऐसा नहीं कि इन मोहतरमा ने ऐसा पहली बार किया या कहा हो.

इससे पहले हिन्दू कोर्ट खोला, कहा कि हम न्याय करेंगे. फांसी देंगे. वगैराह-वगैराह. उस वक्त भी इन्हें काफी चर्चा मिली थी. गोडसे की पूजा करने वाले इस संगठन के तार कहां कहां तक फैले हैं इस बात की जांच होनी चाहिए. फिलहाल इस मामले में केस दर्ज किया गया है.

शायद इन लोगों को अंदाजा भी नहीं है कि इनकी इस हरकत के कारण दुनिया भर में भारत की कितनी बदनामी होगी. जिस गांधी को दुनिया भर के लोग इज्जत की निगाहों से देखते हैं उसके अपने देश में ऐसी हरकत.

हिन्दू समाज के लिए अगर ऐसे संगठन वाकई कुछ करना चाहते हैं तो जातिवाद खत्म करने में मदद करनी चाहिए. पर्यावरण बचाने से लेकर स्वच्छ भारत तक के लिए अभियान चलाने चाहिए.

अगर हिन्दुओं की इतनी ही चिंता है तो गंगा की सफाई में योगदान देना चाहिए. पेड़ लगाने चाहिए, लड़कियों को पढाना चाहिए. उन्हें रोजगार के काबिल बनाना चाहिए.

ऐसे संगठनों को चाहिए कि वो हिन्दुओं के बच्चों को पढाएं, उनकी उच्च शिक्षा का खर्चा उठाएं, सड़कों पर मर रही गायों के लिए खाने की व्यवस्था करें. समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं.

100 करोड़ हिन्दू समाज के ये कथित ठेकेदार क्यों नहीं समझते कि गांधी के पोस्टर पर गोली मारने से हिन्दू खुश नहीं होता. हिन्दू समाज भी गांधी की इज्जत करता है और राष्ट्रपिता समझता है.

हिन्दू हत्यारा नहीं है. वो किसी को मारना नहीं चाहता. वो विश्वबंधुत्व की भावना के साथ जीना चाहता है और भारत को ऐसा लोकतंत्र बनाना चाहता है जिसकी कल्पना गांधी ने की थी.