क्या कुंभ में आए लोगों की संख्या बढ़ा-चढ़ा कर दिखा रही है सरकार?

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है जिसमें दावा किया गया है कि मकर संक्रांति से अब तक करीब 12 करोड़ 50 लाख लोग प्रयागराज कुंभ में स्नान कर चुके हैं. अब सरकार के इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं.

17 जनवरी को NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक मकर संक्रांति पर सरकार ने दो करोड़ लोगों के स्नान की बात कही जो हैरान कर देने वाली थी. इस सरकारी दावे के बाद चैनल ने अपनी पड़ताल की जिसमें कहा गया कि सरकारी आंकडा ठीक नहीं है.

क्विंट हिंदी पर भी इन सरकारी दावों पर सवाल उठाए गए हैं. बताया गया है कि बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर दो करोड़ जैसी भीड़ नहीं है. स्थानीय पत्रकारों के हवाले से इसे भीड़ घोटाला बताया गया है और कहा गया है कि अधिकारी बजट के लिए खेल करते हैं.

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक तो मेला क्षेत्र में बहुत कम भीड़ है और इस कम भीड़ के कारण प्रशासन भी परेशान है. खबर में बताया गया है कि लोगों को बहुत पैदल चलना पड़ रहा है इसलिए लोग मेले की कुछ जगहों पर तो जा ही नहीं रहे हैं.

23 जनवरी को बीबीसी हिंदी ने एक रिपोर्ट की है जिसमें सवाल उठाया गया है कि बजट को सही ठहराने के लिए यात्रियों की संख्या बढ़ा कर बताई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक सड़कें, बसें, ट्रेनें खासी भरी नहीं हैं. एक पत्रकार के हवाले से लिखा गया है कि सड़कें शहर की पूरी की पूरी ख़ाली हैं, बसें ख़ाली आ रही हैं, ट्रेनें ख़ाली आ रही हैं और भीड़ इनकी बढ़ती जा रही है.

अब तो सरकारी आंकडा 12 करोड़ को पार कर चुका है. इन आंकडों को ना तो झूठ कहा जा सकता है और ना ही सच. इसे सरकार कभी साबित नहीं कर सकेगी और मीडिया इसे कभी झूठ साबित नहीं कर सकेगी. ये तो एक अनुमान है, एक कयास है जो तस्वीरों को देख कर, वीडियो को देख कर लगाया जाता है.

बस, ट्रेन के बिके हुए टिकटों को जोड़ा जाता है. फिर माना जाता है कि बाकी लोग अपने वाहनों से आए होंगे. वैसे इस बार ऐसे लोगों को भी कमी नहीं रही जो वाया लखनऊ, प्रयागराज पहुंचे हैं.

इस बात में भी कोई शक नहीं कि सरकार ने इस बार काफी अच्छे इंतजाम किए हैं जिनकी तारीफ सभी कर रहे हैं. हालांकि सरकार पर ये आरोप भी है कि वो कुंभ का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए कर रही है.