कांवाड़ियों की सेवा कर मुस्लिमों ने पेश की इंसानियत की मिसाल

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल देखने को मिली है. यहां भगवान शंकर के भक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. भोले के भक्तों की सेवा में सभी धर्मों के लोग लगे हुए हैं.

मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम संगठन कांवड़ियों की सेवा करते नजर आ रहे हैं. मीनाक्षी चौक पर आवाज-ए-हक संगठन नाम की एक संस्था शिव भक्तों की सेवा में लगी हुई हैं.

इस संगठन के अध्यक्ष शादाब खान पिछले कई सालों से कांवड़ यात्रा की सेवा करने के लिए शिविर लगाते हैं और इस शिविर में कांवरियों को खाने पीने की चीजों के साथ-साथ उनकी दवाई और मरहम पट्टी तक की जाती है.

यहीं नहीं पैदल चलने के कारण कावड़ियों के पैर में दर्द होने या थकान की स्थिति में उनके पैर भी दबाये जा रहे हैं। जनपद मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक सद्भावना की इससे बड़ी मिसाल क्या हो सकती है।

मुजफ्फरनगर में 2013 के बाद सांप्रदायिक सद्भाव कायम करने के लिए सभी धर्मों के लोग आगे आ रहे हैं. वही जनपद के पुलिस कप्तान अनंत देव तिवारी द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के सहारे लोगों को एक साथ जोड़ने और एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे है.