आयरनमैन: वो एवेंजर जिसने रखी मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की नींव

आयरनमैन आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है. भारत के बच्चे इस किरदार से बखूबी परिचित हैं. लेकिन 2008 में जब ये फिल्म रिलीज हुई थी तो बहुत से लोग आयरनमैन को नहीं जानते थे. उन्होंने इसे एक और सुपरहीरो फिल्म समझा था. टोनी स्टार्क ने फिल्म के अंत में जब कहा- मैं हूं आयरनमैन. तो समझ आया कि ये तो बस एक शरुआत है. और आज 10 साल बाद इस किरदार के बिना हम एवेंजर्स की कल्पना तक नहीं कर सकते.

कौन है टोनी स्टार्क

टोनी स्टार्क एक जीनियस है जो हथियार बनाने का धंधा करता है. वो नई-नई चीजें बनाता रहता है. दुनिया उसे आयरनमैन के नाम से भी जानती है. उसने कभी अपनी पहचान को छुपाया नहीं. पहली फिल्म यही बताती है कि आखिर टोनी, आयरनमैन कैसे बना.

क्या है फिल्म की कहानी

ये फिल्म शुरु होती है अफगानिस्तान से जहां टोनी स्टार्क, आर्मी की एक गाड़ी से जा रहा होता है. अचानक गाड़ी पर हमला होता है और फिर वो खुद को एक गुफा में पाता है. वो आतंकियों के चंगुल में फंस जाता है. परेशानी इस बात की भी थी कि हमले में उसकी शरीर में कई छर्रे धंस जाते हैं जो उसके दिल की ओर बढ़ने लगते हैं. ऐसे में एक और बंधक येल्सन, टोनी के शरीर में इलेक्ट्रोमैगनेट फिट कर देता है.

इसके बाद आतंकी टोनी से खतरनाक मिसाइल बनाने के लिए कहते हैं. यहीं उसे यह भी पता चलता है कि जो हथियार वो अपने देश की सुरक्षा के लिए बना रहा था वो इन आतंकियों के पास हैं और गरीब जनता के खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे हैं. टोनी जानता है कि अगर वो हथियार बना भी देगा तब भी ये लोग उसको मार देंगे. वो हिम्मत खो चुका होता है लेकिन उसके साथ बंद वैज्ञानिक येल्सन उसे हिम्मत देता है.

इसी के बाद टोनी एक सूट बनाता है जिसे मार्क-1 के नाम से जाना जाता है. इस सूट को पहन कर टोनी आतंकियों से भिड़ता है और गुफा से छूट कर घर वापस पहुंचता है. घर पहुंचने के बाद टोनी मार्क-2 बनाता है. इस कवच को पहन कर वो दोबारा गुलमीरा जाता है और आतंकियों के हथियारों को नष्ट कर देता है. धीरे-धीरे उसे पता चलता है कि उसका पार्टनर, उसके पिता का दोस्त ही उसका दुश्मन है. वही आतंकियों को हथियार भी बेचता है.

वो टोनी के सीने से आर्क रिएक्टर को निकाल लेता है. आर्क रिएक्टर ही टोनी के सूट को उर्जा देने का जरिया होता है और साथ ही छर्रों को उसके दिल तक पहुंचने से भी बचाता है. इस रिएक्टर को स्टेन (विलेन) अपने सूट में लगा लेता है. टोनी अपने पुराने रिएक्टर की मदद से कवच पहनता है और स्टेन से भिड़ता है. इस भिड़ंत में स्टेन मारा जाता है और टोनी की मुलाकात शील्ड से होती है. आयरनमैन के बाद जो फिल्में आईं, शील्ड एजेंसी ने उनमें बड़ा रोल निभाया.

फिल्म के किरदार

फिल्म में कर्नल रोड्स को दिखाया गया जो बाद में वॉर-मशीन बने. फिल्म में पैपर पॉट्स को दिखाया गया जो टोनी की सेक्रेटरी है. फिल्म में शील्ड के एजेंट कोलसन को दिखाया गया. फिल्म के पोस्ट क्रेडिट सीन में निक फ्यूरी को भी दिखाया गया जो शील्ड के डारेक्टर हैं. फिल्म में 10 रिंग्स को भी दिखाया गया जो एक आतंकी संगठन था. हालांकि फिल्म के मुख्य विलेन स्टेन ने भी काफी प्रभावित किया. फिल्म में जार्विस भी है जो एक आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस है.

फिल्म की खासियतें

ये फिल्म एक यादगार फिल्म मानी जाती है. इससे पहले यदि कोई कहता कि एक मशीनी सूट पहन कर कोई उड़ता है और आतंकियों से भिड़ता है तो वो काफी अजीब लगता लेकिन इस फिल्म में जिस तरीके से इन चीजों को दिखाया गया उसने आयरनमैन के किरदार को बेहद विश्वसनीय बना दिया. फिल्म के एक्शन सीक्वेंस कमाल के हैं.

10 साल बाद भी लगती है नई

राबर्ट डाउनी जूनियर ने आयरनमैन का किरदार निभाया है और फिल्म को निर्देशित किया है Jon Favreau ने. 126 मिनट की इस फिल्म से आप एक सेकेंड के लिए भी नजरें नहीं हटा सकते. ये कमाल की है और 10 साल बाद भी एकदम नई लगती है. इस फिल्म ने मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की नींव रखी.